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February 06, 2021

भोपाल का ध्यान

Attempting to translate, and paraphrase for my home town, the iconic "Georgia on my mind" famously rendered by Ray Charles. You can read more about the song on Wikipedia, and look up the original lyrics/words here.

भोपाल, भोपाल 
दिन भर का यही बयान 
जब एक मधुर गीत पुराना
कराये भोपाल का ध्यान

अमा भोपाल, भोपाल 
एक गीत जो जुड़ा तुझसे 
मीठा, यूँ भेद कर पहुँचा 
चिनार के बीच चंद्रमा जैसे

कई बाहें मुझ तक पहुँचती हुई 
कई आँखें मंद मुसकाती हुई 
सपनों में सुकून मिलता है देखकर 
राहें मुझे तुझ तक ले जाती हुई 

अमा भोपाल, भोपाल
नहीं मिलता मुझे सुकून का निशान
जब एक मधुर गीत पुराना
कराये भोपाल का ध्यान

August 25, 2014

वहीँ मेरी सुबहें और शामें होतीं हैं

यादें आदमी के साथ दफ़न होतीं हैं
शायद आँखें उसके बाद भी रोतीं हैं

उनकी खुशबू से हम दूर रहें को कैसे
जीने के लिए साँसें ज़रूरी होतीं हैं

उनकी आँखों में सूरज भी है महताब भी
वहीँ मेरी सुबहें और शामें होतीं हैं

मज़ाक बने तो क्या बड़ी कीमत दी
बेखुदी की घड़ियाँ बेशकीमती होतीं हैं

भोपाली से पूछो उसकी मिट्टी कहाँ की
शहर वही जहाँ खूबसूरत झीलें होतीं हैं  

July 22, 2014

बयां करें

ज़ख्मों का रंग कोई पूछे तो कैसे बयां करें
दाँतों में दर्द दबाये सोते हैं कैसे बयां करें

गर पिसने से ही गेहूं का मान लिखा है
आगे गुंथने और सिकने को क्या बयां करें

किस गुनाह का बोझ जो जलती है हर रात
शमा रो रो के धुआं होती है किस से बयां करें

उनके खत में मांगे उनने हमसे कई जवाब
किस किस की सफाई दें और क्या क्या बयां करें

भोपाली सोचता है तालाब किनारे गुज़र जाती
ज़िन्दगी कहाँ कहाँ ले आई ये किस से बयां करें  

June 30, 2014

मिलता है


तुम से मिलकर हौसला मिलता है
कोई हमसे भी बेवज़ह मिलता है

आशिक़ के जनाज़े में किसी को टटोलो
हर शख्स ही एक आशिक़ मिलता है

ये बेसब्र भीड़ हर दिन कहाँ जाती है
इन्हे क्या मिले जो इन्हे सब्र मिलता है

रात जब नींद में तुझे ढूंढते हैं ये हाथ
तेरी ज़ुल्फ़ों से महका तकिया मिलता है

हमसे पूछो तो हम अपना पता देते हैं
हमशक्ल हमारा भोपाल में मिलता है